पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

रविवार, 5 मार्च 2017

597.....खुद भीगता नहीं है और भीगो देता है धरा

      सुप्रभात 

नमस्कार 
प्रस्तुत है आज की पाँच लिंको की हलचल 

   मैं और पुराना टी.वी.

सालों-साल इस टी.वी. ने दिखाई हैं तुम्हें
रंगीन जीवंत तस्वीरें,
पंहुचाई हैं तुम तक 
प्रिय-अप्रिय आवाजें.

सालों-साल तुम्हें सिखाया है
इस पुराने टी.वी. ने,
तुम्हारा दिल लगाया है इसने.

              पत्नी पटाओ 
                 १                                 
वो ऊपरवाला ही ,जोड़ियां बनाता है ,
साथ कई जन्मो का ,शादी का बन्धन है 
सब अपनी बीबी से प्यार किया करते है,
कभी कभी आवश्यक,प्यार का प्रदर्शन है 
सैरसपाटे पर तुम ,पत्नी को ले जाओ,
हरेक साल हनीमून,बढ़ता अपनापन है 
पत्नी संग सेल्फी ले ,फेसबुक पर पोस्ट करो,
व्हाट्सएप में डालो,आजकल ये फैशन है


लवासा 
महाराष्ट्रा सरकार द्वारा  बनाया हिलस्टेशन 



लवासा (मराठी नाम )

10 -12  -16   पूना 

2 दिसम्बर  को अपनी  बेटी के घर  पूना गई थी पूना  के कई ऐतिहासिक जगह पर घूमकर आखिर में 10 तारीख़  को लवासा घूमने का प्रोग्राम बनाया , दामाद ने अपनी नई आई टेन i 10 गाडी को तेल पानी पिलाया  और हम सुबह नाश्ता करके निकल पड़े लवासा हिलस्टेशन देखने ,,,,,



                        
                       मुक्तक
है याद मिले तुम  हमें पहले पहल चाँदनी रात में
खामोश लब बोले नयन ह्रदय विहल चाँदनी रात में
थामा था हाथ इक दूजे का निभाने के लिये साथ
जगमगा उठा कल्पनाओं का महल चाँदनी रात में


ख़ुद भीगता नहीं है और भीगो देता है धरा


ख़ुद भीगता नहीं है
और भीगो देता है धरा
कुछ इस तरह से होली
खेलता है आसमां



अब दीजिए आज्ञा 
धन्यवाद  
विरम सिंह 

7 टिप्‍पणियां:

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...