पाँच लिंकों का आनन्द

पाँच लिंकों का आनन्द

आनन्द के साथ-साथ उत्साह भी है...अब आप के और हमारे सहयोग से प्रतिदिन सज रही है पांच लिंकों का आनन्द की हलचल..... पांच रचनाओं के चयन के लिये आप सब की नयी पुरानी श्रेष्ठ रचनाएं आमंत्रित हैं। आप चाहें तो आप अन्य किसी रचनाकार की श्रेष्ठ रचना की जानकारी भी हमे दे सकते हैं। अन्य रचनाकारों से भी हमारा निवेदन है कि आप भी यहां चर्चाकार बनकर सब को आनंदित करें.... इस के लिये आप केवल इस ब्लॉग पर दिये संपर्क प्रारूप का प्रयोग करें। इस आशा के साथ। हम सब संस्थापक पांच लिंकों का आनंद। धन्यवाद

समर्थक

बुधवार, 19 अप्रैल 2017

642.....सोच, कपडे़ और खुश्बू नहीं बताते

सादर अभिवादन...
आज मै आपके समक्ष हूँ...
बिना किसी लाग-लपेट के सीधे चलें पसंदीदा रचनाओं की ओर...

वो देखो मदारी आया
बच्चों को बहुत भाया
तरह तरह के खेल दिखाता
कभी बन्दर को दुल्हन बनाता
कभी खुद बन्दर बन हँसता


ख़िताबत......राकेश कुमार श्रीवास्तव "राही"
मेरे दर्द को तुम ना समझ पाओगे उम्र भर,
मेरी जगह पर तुम ख़ुद को रखो  तब तो बात हो।

ना देख हिक़ारत की नज़रों से मुझे ऐ “राही”
मुझ में बसे ख़ुदा को देखो तब तो बात हो ।

एक घर तलाशते ग़ैरों की नीड़ में... डॉ. जेन्नी शबनम
रूबरू होने से कतराता है मन  
जंग देख न ले जग मुझमें औ ज़मीर में!  

पहचान भी मिटी सब अपने भी रूठे  
पर ज़िन्दगी रुकी रही कफ़स के नजीर में!  


गुज़रे क़दम-क़दम पे किसी इम्तिहां से हम....हरदीप बिरदी
माँगा जो उसने हमने वो वादा तो कर दिया
सोचा नहीं निभायेंगे इसको कहाँ से हम 

ईमां भी बेच दूँ मैं मगर यह तो सोचिये 
जायेंगे खाली हाथ ही इक दिन जहाँ से हम 

बातें खुशबू की...डॉ. सुशील कुमार जोशी


मेरे काम में दखलंदाजी
लगती है आप को 
हमेशा ही बेमतलब
इसलिये मुझे हमेशा
कोई ना कोई 
पुरुस्कार जरूर
कुछ पाना है 
समय नहीं है 
ज्यादा कुछ 
बताने के लिये
कल की मीटिंग 
के लिये अभी
मुझे नाई की 
दुकान पर 
फेशियल करवाने
के लिये जाना है ।

आज्ञा दें दिग्विजय को..
फिर मिलेंगे










7 टिप्‍पणियां:

  1. मानव व्यक्तित्व को जागृत करती रचना संग्रह ,सुन्दर ! आभार

    उत्तर देंहटाएं
  2. सुन्दर प्रस्तुति। आभार दिग्विजय जी 'उलूक' के सूत्र पर नजरे इनायत के लिये।

    उत्तर देंहटाएं
  3. "पांच लिंकों का आनंद में" सम्मलित सभी रचनाओं का आनंद लिया इसके लिए आपको तहे- दिल से शुक्रिया दिग्विजय जी।

    उत्तर देंहटाएं
  4. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं

आभार। कृपया ब्लाग को फॉलो भी करें

आपकी टिप्पणियाँ एवं प्रतिक्रियाएँ हमारा उत्साह बढाती हैं और हमें बेहतर होने में मदद करती हैं !! आप से निवेदन है आप टिप्पणियों द्वारा दैनिक प्रस्तुति पर अपने विचार अवश्य व्यक्त करें।

टिप्पणीकारों से निवेदन

1. आज के प्रस्तुत अंक में पांचों रचनाएं आप को कैसी लगी? संबंधित ब्लॉगों पर टिप्पणी देकर भी रचनाकारों का मनोबल बढ़ाएं।
2. टिप्पणियां केवल प्रस्तुति पर या लिंक की गयी रचनाओं पर ही दें। सभ्य भाषा का प्रयोग करें . किसी की भावनाओं को आहत करने वाली भाषा का प्रयोग न करें।
३. प्रस्तुति पर अपनी वास्तविक राय प्रकट करें .
4. लिंक की गयी रचनाओं के विचार, रचनाकार के व्यक्तिगत विचार है, ये आवश्यक नहीं कि चर्चाकार, प्रबंधक या संचालक भी इस से सहमत हो।
प्रस्तुति पर आपकी अनुमोल समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक आभार।




Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...