पाँच लिंकों का आनन्द

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शनिवार, 21 अक्तूबर 2017

827.... भाईदूज




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भाई-बहन के प्यार का बंधन होता है बड़ा अनूठा
चाहे लाख मुसीबतें आएँ, ये रिश्ता कभी न टूटा
बहन माँ की तरह भाई पर ममता लुटाती है
भाई भी हर कष्ट सहकर अपनी बहन पर जान लुटाता है
कभी मीठी नोकझोंक होती है दोनों के बीच 
तो कभी दोनों एक-दूसरे की ताकत बन जाते हैं 
कभी छोटी-छोटी चीजों के लिए लड़ते थे जो 
एक-दूसरे के लिए बड़ी-बड़ी कुर्बानियाँ दे जाते हैं वो 
राखी और भाईदूज इस रिश्ते को फिर संवार जाते हैं
दिल की नजदीकियों के आगे दूरियों को मिटा जाते हैं
भाई-बहन दोनों बिन कहे एक-दूसरे की बात समझ जाते हैं
बहन के हाथों के बने पकवान, हमेशा भाई को लुभाते हैं
हर गुजरते दिन के साथ इस रिश्ते की अहमियत बढ़ती जाती है 
बचपन की खट्टी-मीठी यादें, इस रिश्ते में और मिठास घोल जाती है  
– अभिषेक मिश्र ( Abhi ) 


ढ़ेरों आशीष के संग असीम शुभकामनायें


भाई बहन के बिना क्या भाई दूज हो सकती है? 
बिल्कुल नहीं हो सकती. फिर इसका नाम सिर्फ भाई दूज क्यों? 
इसे बहन-भाई दूज भी तो कहा जा सकता है 
और कहना भी चाहिए.




एक वाटिका के पुष्प हैं
संग-संग झेले ऋतु आघात,
संग-संग पायी ममता प्रीति
साझे थे कितने प्रभात !




आज परदेस बैठी तेरी बहन तेरी राह देखा करती है
तुम्हारे बचपन के पल याद कर बस मुस्कुरा दिया करती हैं
फिर आँखों से लगा  ''टीका '' तुम्हें  भेज दिया करती हैं
जानती हूँ ही तुम हो अपनी दुनिया में मस्त
हम बहने भी अपनी छोटी से बगिया में व्यस्त
बंद लिफाफे में समेट कर प्यार भेज दिया करती है





मैंने तुमको, तुमने मुझको
क्या-क्या दिया, कौन बतलाये?
विधना भी चाहे तो स्नेहिल
भेंट नहीं वैसी दे पाये.
बाकी क्या लेना-देना? जब 
हम हैं एक-दूजे के साये.
भाई-बहिन का स्नेह गा सके
मिला न अब तक कोई गवैया




वो शाम ढले करना बातें मुझसे और अपनी हर बात मुझे बताना,
सुनके मेरी बेवकूफियां तुम्हारा ज़ोर से हंस जाना,
मेरी हर गलती पे लगाना डांट और फिर उस डांट के बाद मुझे प्यार से समझाना,
कोई और न होगा तुमसे प्यारा मुझे यह आज मैंने है जाना,

><><

चित्र में ये शामिल हो सकता है: 3 लोग, क्लोज़अप2016

7 टिप्‍पणियां:

  1. आदरणीय दीदी
    सादर नमन
    बहन दूज पर शुभकामनाएँ
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. भाई दूज की मंगलकामनाएं। सुन्दर प्रस्तुति।

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहन-भाई के प्रेम का प्रतीक भाई दूज पर्व कार्तिक शुक्लपक्ष द्वितीया (दूज) देशभर में मनाया जाता है।
    भाई यमराज और बहन यमुना से जुड़ी पौराणिक कथा इस पर्व को सामाजिक मान्यता का विस्तार है।
    इस तिथि को यमराज ने अपनी बहन यमुना का निमंत्रण स्वीकारा और बहन ने जब वचन माँगा कि इस दिन जो बहन भाई का सत्कार से टीका करे उसे तुम्हारा भय न हो तब यमराज ने कहा - तथास्तु !
    भाई दूज की हार्दिक मंगलकामनाऐं।
    आदरणीया विभा दीदी ने बहुत सुंदर ,सारगर्भित रचनाओं का संकलन किया है। बधाई।
    सभी चयनित रचनाकारों को बधाई एवं शुभकामनाऐं।
    आभार सादर।

    उत्तर देंहटाएं
  4. यम द्वितिया..
    और.
    चित्रगुप्त जयन्ती की.।
    शुभकामनाएँ....
    सादर....

    उत्तर देंहटाएं
  5. बहुत अच्छी हलचल प्रस्तुति
    भाई दूज की हार्दिक मंगलकामनाएं!

    उत्तर देंहटाएं
  6. बहुत सुंदर लिंक संकलन....
    भाई दूज की शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  7. देर से आने के लिए खेद है..बहुत बहुत शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं

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